WelCome you Fast CSC and CSC Academy Fatehabad

Happy New Year 2019, हरियाणा डाक सेवक पद हेतु जरूरी कम्प्यूटर कोर्स के लिए संपर्क करे फास्ट सी एस सी फतेहाबाद, Train Booking, Bijli Bill, online Payment, Air Ticket, Cinema Ticket, Past Years Income tax ITR, Gst Retun, Pesticides and Seed Licencing,Passport,Voter Card,Aadhar Card,Old age,Penssion,All Type Insurance,Bima,Basic Computer Course,Pmgdisha Course,Dish Recharge,Labour Copy,Gass Connection, ant all other services: Contact us,Cell 9416107685,fastcsccenter@gmail.com, www.fastcsc.online,Head office Street No 9 Kirti Nagar Road Fatehabad

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Cm Haryana Sh ML KHATTAR Masage on Csc

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www.fastcsc.online

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Agreement by Prime minister Mr Modi with gass companies for Providing Gass services on Csc

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Csc Memories With Csc Disstrict manager Lovlesh Grover, Edm miss Shilpa, Coordinator Mr Rajkumar

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Deputy Commissioner fatehabad with Fast Csc Team

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Minister of csc department Govt of India

Achievments title

Certificate of BCC

Friday, 1 December 2017

फास्ट टैग कार्ड से हाईवे पर नान सटाप यात्रा

कलम का तिलक,फ़तेहबाद,मनोज कुमार 2 दिसंबर 2017 ।अब फास्ट टैग कार्ड से हाईवे पर नान सटोप यात्रा
इस टैग को वाहन के सामने वाले शीशे पर लगा कर देश के किसी भी टोल प्लाजा पर बे रोक टोक यात्रा की जा सकती है । 
कर सकेंगे सभी बिजनैस कलास वाहन । जी हां अगर आपके पास फ़ास्ट टैग है तो अब भारत में किसी भी टोल पलाजा पर लंबी लाईनों में लग कर देर तक इंतजार नही करना होगा बस अब आपका टोल टैक्स आपके फ़ास्ट टैग से अपने आप कट जायेगा। नैशनल हाईवे अथारिटी आफ़ इंडिया यानि एनएचएआई के अधिकारीयों के अनुसार 1 दिसंबर से इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) के लिए फास्ट टैग प्रणाली को अपनाया जा रहा है। इसके लिए आरबीआई और एनपीसीआई के साथ मिलकर बनाई गई योजना के बाद ही फास्ट टैग की ऑनलाइन व ऑफलाइन बिक्री शुरू की चुकी है। फास्ट टैग अपने वाहन पर लगवाने के लिए नजदीकी FAST CSC CENTER  या कॉमन सर्विसेज सेंटर से संपर्क किया जा सकता है या जलद ही यह कार्ड फ़ास्ट सी एस सी की वेबसाइट से यह ऑनलाइन खरीदा जा सकेगा। फास्ट टैग को खरीदार के घर कोरियर के जरिये पहुंचा दिया जाएगा।
योजना है कि एक सितम्बर से देश भर में एनएचएआई के अंतर्गत आने वाले हाईवे के सभी टोल प्लाजा पर विशेष लेन तैयार कर दी गई है, ताकि फास्ट टैग धारक का वाहन पहुंचने से पूर्व ही बैरियर हट जाएगा और वह निर्बाध टोल प्लाजा को पार कर सके। सभी टोल प्लाजा में आरएफआईडी रीडर को लगाने और एकीकरण संबंधी हाईब्रिड ईटीसी कार्य पूरा हो चुका है । अधिकारी के अनुसार टोल प्लाजा में ईटीसी के जरिये हाईवे पर सफर करने वालों को नकदी रहित, सुरक्षित व सुगम यात्रा प्रदान की जा सकेगी।

इसके जरिये लेन-देन में मदद के साथ-साथ ऑनलाइन शिकायत निवारण में भी सहायता मिलेगी।  उन्होंने बताया कि फास्ट टैग पार्टनर एप व्यापारी एप है। इसमें कॉमन सर्विसेज सेंटर, बैंकिंग भागीदार और वाहन डीलर जैसी एजेंसियां इस एप के माध्यम से बिक्री और फास्ट टैग लगा सकती हैं। उन्होंने बताया कि अक्तूबर में सभी 371 एनएचएआई टोल प्लाजा पर फास्ट टैग के लिए लेन तैयार हो जाएगी।
किसको मिलेगा लाभ
: इस टैग का सबसे अधिक लाभ ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिकों को होगा, जो अपने वाहन चालक को कार्ड जारी करेंगे।
: कहां पर कितना टोल लगेगा चालक को अपने मालिक को बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
: दिल्ली या गुड़गांव से जिनका पिंक सिटी आना-जाना बना रहता है। उनके लिए यह सबसे लाभप्रद साबित होगा।
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Thursday, 21 September 2017

वृद्धावस्‍था पेंशन

बुढ़ापा पेंशन हरियाणा
पेंशन बनवाने की सोच रहे हैं, तो ये खबर आपको बड़ी राहत देगी। सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे

लोगों की जिंदगी भर की टेंशन खत्म हो जाएगा और फायदा ही फायदा होगा।
नए नियम के तहत, अब संतान की उम्र 40 साल होते ही बुजुर्ग अपनी बुढ़ापा पेंशन बनवा सकता है। पहले संतान की उम्र 41 साल तय की गई थी, अब सरकार ने एक साल की राहत दी है। साथ ही 2005 के वोटर कार्ड के अलावा फोटो युक्त वोटर सूची भी आयु साबित करने के लिए मान्य होगी। लाड़ली योजना के तहत माता-पिता की आयु 45 साल साबित करने के लिए स्कूल प्रमाण पत्र व स्वास्थ्य विभाग के आयु प्रमाण पत्र के अलावा अब ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, मतदाता सूची व पासपोर्ट को भी आयु प्रमाण पत्र के तौर पर दिया जा सकेगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा बुढ़ापा सम्मान भत्ता योजना के तहत आयु के संबंध में लिये जाने वाले दस्तावेज एवं मेडिकल बोर्ड बारे में नये दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब पेंशन के लिए पात्र व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र, 16 जून 2016 से पूर्व जारी किया गया डीएल, पासपोर्ट, वर्ष 2005 या इससे पूर्व जारी किया गया स्वयं का फोटो युक्त पेन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र व फोटोयुक्त मतदाता सूची में से आवेदक अपनी आयु के आंकलन के लिए कोई एक दस्तावेज उपलब्ध करवाकर पेंशन का लाभ ले सकता है।इसके अलावा यदि आवेदक के पास यह दस्तावेज नहीं है तो वह अपनी बड़ी संतान की आयु 40 वर्ष होने का जन्मतिथि प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र भी आवेदन फार्म के साथ लगा सकता है।
 पहले संतान की उम्र की 41 साल अनिवार्य की गई थी। मगर हरियाणा के माननीय मुखयमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिना सबूत या आयु प्रमाण  वाले केसों की असुविधा को देखते हुए अब सभी केसो के लिए मैडीकल जांच सुविधा लागू कर दी है
अब कोइ भी पात्र महिला या वय्कतीजिसकी आयु 60  वर्ष प्यूरी हो चुकी है वह अपनी नैन्शन बनवाने के लिए हमसे सपर्क कर सकता है |

योग्‍यता
1. आवेदक की उम्र 60 वर्ष से अधिक हो।
2. आवेदक के परिवार की सालाना आय सभी स्रोतों सहित 200000 से कम हो या अधिक नहीं होनी चाहिये।
3.पेंशन की दर 1800 रू मासिक है ।
4. आवेदक हरियाणा राज्य का मूल निवासी हो ।
5.आवेदक भारत में किसी भी राज्य से किसी तरह की पैंशन ना लेता हो ।
6.आवेदक सरपंच/विधायक द्वारा सत्‍यापित आवेदन ग्राम सभा/सी0एस0सी0 सेन्‍टर को प्रस्‍तुत करेगा।
DOWNLOAD MEDICAL AGE VERIFICATION APPLICATION FORM-1

DOWNLOAD MEDICAL AGE VERIFICATION FORM  

आवेदक अपना आवेदन निर्धारित प्रपत्र के अनुसार सी0एस0सी0 सेन्‍टर में प्रस्‍तुत करेगा।
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Wednesday, 16 August 2017

श्रमिक पंजीकरण के लिए विशेष अभियान

कलम का तिलक,फ़तेहाबाद,मनोज कुमार 17 अगस्त-हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा आज 17 अगस्त को सथानीय अनाज मंडी मे हो रहे मज्दूर सम्मेलन मे विशेष मजदूर पंजीकरण
अभियान चलाया जा रहा है। जिसमे भरे हुए आवेदन पत्र जमा/सवीकार किए जाएंगे भरे हिए आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड की प्रति 2.राशन कार्ड की प्रति,3.बैंक खाते की फ़्होटो कापी,4.वोटर पहचान पत्र की फ़ोटो कापी, 2 पासपोर्ट साईज की फ़ॊटो लगी हो ।
इस विशेष अभियान के बाद लगातार मजदूर पंजीकरण के लिए वार्ड नंबर 19 सथित फ़ास्ट सी.एस.सी सैंटर पर कभी भी अपने जरुरी कागजात ला कर आवेदन जमा किया जा सकता है ।आवेदन पत्र फ़ास्ट सी.एस.सी सैंटर से प्रापत किया जा सकता है या फ़िर सीधे कल्याण बोर्ड की वेबसाईट से डाउन्लोड किया जा सकता है।
श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों को बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न 22 योजनाओं को लाभ दिया जा रहा है।
जिला फ़तेहाबाद में पंजीकरण के लिए स्थानीय अनाज मंडी में स्थित सहायक श्रम आयुक्त के कार्यालय के दूरभाष/ टोल फ्री नंबर 18001802129 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
जिला उपायुक्त फ़तेहाबाद ने बताया कि बोर्ड द्वारा पंजीकरण पात्रता शर्ते निर्धारित की गई है। इसके अनुसार श्रमिक की आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच, पिछले 12 माह में 90 दिन या इससे अधिक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्य तथा वह श्रमिक किसी अन्य कल्याण बोर्ड का सदस्य नही होना चाहिए। पंजीकरण के इच्छुक निर्माण श्रमिक पंजीकरण आवेदन पत्र, 25 रुपये आवेदन फीस तथा 5 रुपये की मासिक दर से एक से 3 साल तक के अंशदान के साथ पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय से निर्धारित तिथि तक संपर्क कर सकते हैं। अन्य सामुदायिक कल्याणकारी योजनाओं में कामगारों के लिए शिशू गृह, चलित प्रसाधन, लेबर शैड की सुविधा तथा सन्निर्माण कर्मकारों की निपुणता के विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। फरीदाबाद, मानेसर, सिकंदरपुर तथा गुड़गांव में श्रम सुविधा केंद्र की सुविधा प्रदान की जा रही है। हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार मनरेगा के तहत 50 या इससे अधिक दिन तक काम कर चुके श्रमिकों को भी बोर्ड की योजनाओं के लाभ के लिए शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत प्रसूति सहायता एवं कन्यादान, तीन लड़कियों तक छात्रवृति सहायता तथा दो लड़कों तक छात्रवृति दी जाती है। कन्यादान योजना के तहत 51 हजार रुपए प्रदान किए जाते हैं। अक्षम बच्चों को दो हजार रुपए प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री महिला श्रमिक सम्मान योजना के तहत 5100 रुपए तक प्रति वर्ष महिला कामगार द्वारा साड़ी, सूट, चप्पल, रेन कोट, छाता, रबड़, मैट्रेसेज, बर्तन एवं स्वास्थ्य प्रदत नैपकीन आदि की खरीद पर प्रस्तुत बिल का भुगतान किया जाता है।
बोर्ड द्वारा संचालित की जा रही कल्याणकारी योजनाओं में मातृत्व लाभ योजना के तहत कुल 36 हजार रुपए महिला कामगारों को वित्तीय सहायता तथा पौष्टिक आहार के लिए प्रदान किए जाते हैं।
पहली कक्षा से उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता के रूप में 3 हजार रुपए से 15 हजार रुपए प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
फरवरी 2016 से प्रथम नवीनीकरण पर सौर ऊर्जा चलित लालटेन पर अनुदान दिया  है। सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली पैंशन के अलावा एक हजार रुपए प्रति माह की पैंशन योजना प्रदान करना है। पारिवारिक पैंशन के लिए 500 रुपए प्रति माह, सिलाई मशीन के लिए 3500 रुपए, साईकिल के लिए 3 हजार रुपए, दाह संस्कार के लिए आर्थिक सहायता के रूप में 15 हजार रुपए, पैतृक घर जाने पर वास्तविक किराए की प्रति पूर्ति, धार्मिक स्थल का भ्रमण पर किराए की प्रतिपूर्ति, लड़कों की शादी पर सहायता राशि के रूप में 11 हजार रुपये, स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 50 हजार रुपए तक का मुफ्त ईलाज, चिकित्सा सहायता के रूप में 200 व 215 रुपए प्रतिदिन, घातक बीमारियों के ईलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
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Monday, 14 August 2017

स्वतंत्रता दिवस पर सरकार की जनता को नई सोगात

कलम का तिलक,मनोज कुमार,फ़तेहाबाद,14 अगस्त।आज नगरपरिषद फतेहाबाद प्रांगण मे दो दिवसीय
Independence-Day-Gift-to-people-by-Govt-on-Csc
Csc Center Holder at Traning Camp Fatehabad
प्रशिक्षण कैंप का आयोजन किया गया जिसमें फतेहाबाद ब्लाक के ( फतेहाबाद-भूना व भटटू ) सभी सी एस सी संचालको ने भाग लिया ।इस प्रशिक्षण कैंप में सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर सी.एस.सी.सैंटरों के माधयम से जनता की सुविधा हेतु सोगात में की गई दो नई स्कीमों जिनमें खासकर युवाओं के लिए पेश की गई सकीम सरकारी परिक्षा व परिवारिक सवास्थ सकीम हेल्थ होमियो सर्विस के बारे मे सभी सैंटर संचालकों को प्रशिक्षण दिया गया ।
सरकारी परिक्षा :- उपरोक्त सकीम के बारे में डी.एम शिलपा रानी व लवलेश ग्रोवर ने बताया कि सभी तरह की सरकारी परिक्षा व प्रतियोगिता प्ररिक्षा देने वाले उम्मीदवारो को अपनी तैयारी करने के लिए अलग अलग एकैड्मी संचालक जनता से मोटा पैसा लेकर आगामी परीक्षा की तैयारी करवाते हैं मगर उनके पास अव्हयास के लिए कोई संसाधन नही है। सरकार युवाओं को आगामी सभी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यह सकी सी.एस.सी सैंटरो पर लाई हैं जिसमे युवा मात्र कुछ फ़ीस देकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकता है व अपने घर या नजदीकी सी.एस.सी पर लागू फ़ीस देकर अपनी प्रैक्टिस करके अपना अभयास,सपीड व प्रदर्शन में सुधार करके परीक्षा देने में होने वाली गलतीओं से बच कर बढीया नंबर लेकर अपने रैंक मे सुधार करके अपने भविशय को संवार सकता है। सरकारी परिक्षा सकीम से सरकार निचले तबके के गरीब,ग्रामीण व पिछडे तबके के युवाओं को नोकरी व प्रतियोगी  परिक्षाओं की तैयारी करवा कर उनहें अगली पंक्ति में लाकर उनहे अपना भविष्य संवारने को प्रेरित करना है।

हेल्थ होमियो:-
हेल्थ होमियो सकीम के बारे मे प्रशिक्षण दिया गया व इसके बारे मे बताया गया कि सरकार का मकसद इस सकीम को सी.एस.सी सैंटरों के माधयम से पेश करके राज्य के गरीब व बिमारीओं से ग्रस्त आम नागरिक जो कि मंहगे इलाज के अभाव में अपनी कीमती जान को जोखिम में डाल देते है। इस हेल्थ होमियो सकीम के माधयम से अपोलो असपताल जैसे बडे-बडे स्पैशलिस्ट डाकटरो से गरीब से गरीब लोगों को ससता इलाज व दवाई का पूरे परिवार के लिए पैक के रूप में पेश किया है। कोई भी आम नागरिक अपने नजदीकी सी एस सी सेन्टर पर जाकर रजिस्टेशन करवा सकता है तथा रजिस्टेशन फिस 999/-रूपये है इसके तहत आवेदक के पुरे परिवार की हर प्रकार की बिमारी का इलाज व दवाईया प्रापत कर सकता है।इस सकीम के अन्दर हर छोटी ,बडी, बिमारी शामिल होगी चाहे वह गुपत रोग ही क्यों ना हो मरीज को डाक्टर से प्रामर्श व दवा सी एस सी सेन्टर के माध्यम आनलाईन होगा।

उकत दोनों सकीमे फ़तेहाबाद के फ़ास्ट सी.एस.सी पर आज 14 अगस्त सें लांच कर दी गई हैं कोई भी नागरिक उकत सकीमों की पूरी जानकरी या  लाभ उठाने के लिए 9416107685 पर काल कर सकता है या ""fastcsccenter@gmail.com""पर मेल कर सकता है

इस मोके पर डिस्ट्रीक मनेजर श्री लवलेश ग्रोवर व डी एम शिल्पा रानी, राजकुमार, रविन्द्र सिहॅ , विपिन सोनी,मनोज कुमार, इन्द्राज ज्यणी, शैलजा, रोशन लाल, ब्लाक फतेहाबाद भटटू व भूना के सभी संचालक मोजूद थे।


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Thursday, 3 August 2017

सरकारी परीक्षा पास करना हुआ आसान

कलम का तिलक,फ़तेहाबाद,मनोज कुमार,3 अगस्त।भारत सरकार युवा वर्ग का खास तौर पर खयाल रख कर
Csc-News-Govt-exam-now-More-Easy-to-pass
सकीमें बना रही है।इस तरह की ही युवाओं के लिए एक नई सकीम सी.एस.सी सैंटर लांच की जिसको सरकार ने कोई भी परीक्षा पास करना हुआ और भी आसान कर दिया है।जिनमें बैंकिंग, एसबीआई, आईबीपीएस, पीओ, क्लर्क, आरआरबी, एसएससी, एच.टी.ई.टी, सी.टी.ई.टी ,सीजीएल, एसएससी एमटीएस, सीएचएसएल 10 + 2, जेईई मेन, यूपीएससी,आईएएस, सीटीईटी, सीटेट, कैट, आदि की परीक्षा की तैयारी हेतु अब तक लोग कोचिंग सैंटरों का सहारा लेते रहे है जिसमे सबंधित परीक्षा की तैयारी हेतू तैयारी करने का तो मोका मिल जाता है मगर कोचिंग लेने वाले छात्रों परीक्षा किस तरह से देनी है, परीक्षा का पैट्रन कैसा होगा,सपीड किस तरह सए बढानी है आदि का कोई ज्ञान नही होता जिस्से छात्र परीक्षा हाल में जाकर घबरा जातें है जिस्से उसकी सफ़लता की दर घटती है जिस्से वह कडी मेहनत से तैयारी करने के बावजूद भी परीक्षा में टोप नही कर पाते ।
यहाँ फ़तेहाबाद में सी.एस.सी. सैंटरों के जिला कोऑर्डनेटर श्री लवलेश ग्रोवर ने बताया कि छात्रों की इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने वैज्ञानिक तरीके से हर आने वाली परीक्षा की तैयारी व अभयास के लिए सरकारी मॉड्यूल के हिसाब से मॉक टेस्ट माडल तैयार किए हैं जिस पर कोई भी छात्र जो किसी भी आने वाली कंपीटीशन या जोब के लिए परीक्षा की तैयारी हिंदी और अंग्रेजी में करने के लिए अपना रजिशट्रेशन मात्र कुछ शुलक देकर करवा सकता है।खास बात यह है कि मॉक टेस्ट के सभी मॉड्यूल अलग अलग परीक्षा के अनुरूप तैयार किए गए है । शुलक मात्र 100 रु से शुरु होकर पलान के मुताबिक हो सकता है। रजिशट्रेशन के 24 घंटे में छात्र के ई मेल मे एक्टीवेशन लिंक व पास्वर्ड आ जाता है इस्के बास छात्र अपने घर पर बैठ कर अपने समय के लिहाज से तैयारी कर सकता है ।अगर किसी छात्र के पास अपना ट्रेनिगं के लिए कंप्यूटर नहीं है तो वह कुछ फ़ीस देकर नजदीकी सी.एस.सी सैंटर की मदद ले सकता है।फ़तेहाबाद शहर मे फ़ास्ट सी.एस.सी सैंटर पर रजिशट्रेशन व ट्रेनिगं की सुविधा शुरु भी हो चुकी है कोई भी छात्र फ़ास्ट सी.एस.सी सैंटर फ़तेहाबाद से संपर्क करके अपना रजिशट्रेशन करवा कर अपनी तैयारी शुरु कर सकता है Download Routemap Fast csc center
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Sunday, 23 July 2017

प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए कॉमन सर्विस सेन्टर से मिलें- डीसी

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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा गैर ऋणी किसानों के लिये प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये विभिन्न गावों में कॉमन सर्विस सेन्टर की शुरूआत की गई है। इन कॉमन सर्विस सेन्टरों द्वारा हरियाणा के लगभग 5000 गावों में अपने प्रतिनिधियों की ड्यूटियां भी लगाई गई है। उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि फतेहाबाद जिला के सभी गावों में लगभग 312 सी एस सी स्थापित किए गए है, जोकि गैर ऋणी किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्र्तगत फसलों का बीमा करवाने का कार्य करेगें व किसानों को बीमा करवाने के लिये फसलों के निर्धारित प्रीमियम जोकि धान (578.70 रुपये ), कपास (558.47 रुपये), बाजरा (271.14 रुपये) व मक्का (218.53 रुपये) प्रति एकड़ के अलावा कॉमन सर्विस सेन्टर को किसी भी प्रकार का शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।
    डॉ. आभीर ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी खरीफ  फसलों को प्रतिकूल मौसम की मार से सुरक्षित करवाने के लिये बीमा करवाने हेतू अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेन्टर के इंचार्ज से आगामी 31 जुलाई तक सम्पर्क करके अपनी फसलों का बीमा करवाकर प्राकृतिक आपदाओं की मार से किसान अपने आप को सुरक्षित करें। खरीफ  फसलों की बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है। इसके अलावा सभी ऋणी किसानों से यह भी अपील है कि वे अपनी उचित फसल का ब्यौरा सम्बधित बैंक शाखा (जिसमें कृषि ऋण लिया हुआ हो) में फार्म-सी तुरन्त जमा करवायें, ताकि उसी अनुसार फसल का बीमा किया जा सके। अन्य किसी भी तरह की जानकारी जैसे की कॉमन सर्विस सेन्टर के प्रतिनिधि या गांव के लिये अपने सम्बन्धित कृषि विकास अधिकारी, कृषि विभाग, बैकं शाखा या कम्पनी के प्रतिनिधि (बजाज एलायन्स इन्श्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड) से सम्पर्क कर सकते है।
    उपायुक्त ने बताया कि फतेहाबाद खंड के लिए सचिन कुमार जिनका मोबाइल नंबर 8059840960 है, को जिला समन्वयक लगाया गया है। फतेहाबाद खंड के लिए ही कम्पनी प्रतिनिधि सतपाल सिंह से उनके मोबाइल नंबर 9991528041 से संपर्क किया जा सकता है। इसी प्रकार रतिया खंड के लिए प्रमोद कुमार से उनके मोबाइल नंबर 9671500690, टोहाना व जाखल खंड के लिए कुलदीप कुमार से उनके मोबाइल नंबर 8059192249, भट्टू कलां खंड के लिए विकास कुमार से उनके मोबाइल नंबर 9991290094 तथा भूना खंड के लिए रवि कुमार से उनके मोबाइल नंबर 9467020920 पर संपर्क किया जा सकता है। उपरोक्त नम्बरों के अलावा यदि किसी किसान को बीमा करवाने अथवा कृषि से सम्बन्धित किसी प्रकार की जानकारी हेतू डीडीए फतेहाबाद कार्यालय के दूरभाष नंबर 01667-231122, एसडीओ फतेहाबाद कार्यालय के दूरभाष नंबर 01667-222422 तथा एसडीओ टोहाना कार्यालय के दूरभाष नंबर 01692-220075 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
फतेहाबाद के गांवों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संबंध में जानकारी देने के लिए स्थापित कॉमन सर्विस सैंटर की सूची।
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Saturday, 1 July 2017

FastCscFatehabad

What is CSC  OR Common Services Centre

The CSC is a strategic cornerstone of the National e-Governance Plan (NeGP), approved by the
Bcc Copmuter course on fast csc fatehabad
Government in May 2006, as part of its commitment in the National Common Minimum Programme to introduce e-governance on a massive scale.
The CSCs would provide high quality and cost-effective data content services, in the Rural and Urban areas as e-governance oprator in the all Fields of all local body and Government services  education, health, medicine, entertainment as well as other Govt or private services as per Government rules.
 A highlight of the CSCs is that it will offer web-enabled e-governance services in rural areas, including application forms, certificates, and utility payments such as electricity, telephone and water bills.In addition to the universe of G2C services, the CSC Guidelines envisage a wide variety of content and services that could be offered as listed below:
  • Agriculture Services (Agriculture, Horticulture, Sericulture, Animal Husbandry, Fisheries, Veterinary)
  • Education & Training Services (School, College, Vocational Education, Employment, etc.)
  • Health Services (Telemedicine, Health Check-ups, Medicines)
  • Rural Banking & Insurance Services (Micro-credit, Loans, Insurance)
  • Entertainment Services (Movies, Television)
  • Utility Services (Bill Payments, Online bookings)
  • Commercial Services (DTP, Printing, Internet Browsing, Village level BPO).
The Scheme creates a conducive environment for the private sector and NGOs to play an active role in implementation of the CSC Scheme, thereby becoming a partner of the government in development of rural India. The PPP model of the CSC scheme envisages a 3-tier structure consisting of the CSC operator (called Village Level Entrepreneur or VLE); the Service Centre Agency (SCA), that will be responsible for a division of 500-1000 CSCs; and a State Designated Agency (SDA) identified by the State Government responsible for managing the implementation in the entire State

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Tuesday, 27 June 2017

निवास स्‍थान प्रमाणपत्र

  निवास स्‍थान प्रमाणपत्र क्‍या है इसकी आवश्‍यकता क्‍यों है?
निवास स्‍थान/निवास प्रमाणपत्र साधारणत: यह साबित करने के लिए जारी किया जाता है कि प्रमाणपत्र धारण करने वाला व्‍यक्ति उस राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र का निवासी है जिसके द्वारा प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। इस प्रमाणपत्र की आवश्‍यकता निवास के प्रमाणप के रूप में होती है जिससे कि शैक्षिक संस्‍थानों और सरकारी सेवाओं में निवास स्‍थान/निवास का कोटा लिए जा सकते हैं और नौकरी के मामले में भी जहां स्‍थानीय निवासियों को वारीयता दी जाती है।

*निवास स्‍थान प्रमाणपत्र प्राप्‍त करने के लिए आपको क्‍या करने की आवश्‍यकता है ?

निर्धारित आवेदन पत्र या तो ऑनलाइन उपलब्‍घ होते हैं या स्‍थानीय प्राधिकारियों से अर्थात सब डिविजनल मजिस्‍ट्रेट/तहसीलदार का कार्यालय/राजस्‍व विभाग/जिला कलेक्‍टर का कार्यालय या अन्‍य प्राधिकारी जैसा कि आपके निवास के राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र द्वारा विनिर्दिष्‍ट है। आपको निर्धारित न्‍यूनतम अ‍वधि के लिए लगातार राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में निवास करने का प्रमाण देने की आवश्‍यकता होगी या राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में भूमि रखने का यह संबंधित राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र के नियमों पर निर्भर करता है। अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए दस्‍तावेज, आवश्‍यकता प्राधिकारी के अधिकारी द्वारा फॉर्म को अनुप्रमाणीकरण, स्‍कूल प्रमाणपत्र और तहसील की पूछताछ रिपोर्ट की भी आवश्‍यकता हो सकती है। महिलाएं, जो राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में मूलरूप से रहती हैं परन्‍तु ऐसे पुरूषों से विवाह करती हैं जो स्‍थायी रूप से राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में निवास करते हैं, जो राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र के निवास स्‍थान प्रमाणपत्र के पात्र है, वे निवास स्‍थान प्रमाण पत्र के लिए पात्र है।
टिप्‍पणी:-निवास स्‍थान प्रमाणपत्र केवल एक राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र में बनाए जा सकते हैं। एक से अधिक राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र से निवासस्‍थान प्रमाणपत्र प्राप्‍त करना एक अपराध हैं।

जरूरी कागजात
1. राशन कार्ड की प्रतिलिपि
2. वोटर आईडी0 कार्ड
3. शपथ पत्र
4. 2 फोटोग्राफ
5.आधार कार्ड
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विकलांग प्रमाण पत्र


विकलांग प्रमाण पत्र स्‍वास्‍थ्‍य निगम द्वारा उन लोगों को जारी किया जाता है, जो कि जन्‍म से या फिर अपने जीवनकाल में किसी कारणवश अपाहिज होते है, और जो कि विकलांगता के प्रकार एवं प्रतिशत पर निर्भर करता है। विकलांग प्रमाण पत्र शैक्षिक संस्‍थानों में, रोजगार तथा अन्‍य सरकारी कल्‍याण योजनाओं के लिये जारी किया जाता है।
योग्‍यता की शर्ते

कोई भी विकलांग व्‍यक्ति विकलांग प्रमाणपत्र के लिये योग्‍य है।
प्रक्रिया

आवेदन करने के लिये आवेदक को नियत फार्म को पूरा कर तथा बताये गये सारे दस्‍तावेज के साथ आवेदन करना होता है। इसके बाद आवेदक की जांच स्‍वास्‍थ्‍य निगम द्वारा की जाती है तथा उसकी विकलांगता तथा विकलांगता का प्रतिशत पूर्व निर्धारित नियमों के आधार पर तय किया जाता है।
आवश्‍यक दस्‍तावेज

1. राशन कार्ड की प्रतिलिपि
2. वोटर आईडी0 कार्ड
3. शपथ पत्र
4. चार फोटोग्राफ
5. जाति प्रमाणपत्र 
6-मैडीकल प्रमाण पत्र

*निवास स्‍थान प्रमाणपत्र
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अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए प्रमाणपत्र प्राप्‍त करना

अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए प्रमाणपत्र प्राप्‍त करना
कानून द्वारा यथा पारिभाषित अनुसूचित जनजाति

अनुसूचित जनजाति भारत के विभिन्‍न राज्‍यों और संघ राज्‍य क्षेत्रों में पायी जाती है। स्‍वतंत्रता के पहले की अवधि में संविधान के अधीन सभी जनजातियों को ''अनुसूचित जनजाति'' के रूप में समूहबद्ध किया गया था। अनुसूचित जनजाति के रूप में विनिर्दिष्‍ट करने के लिए अपनाए गए मानदंडों में निम्‍नलिखित शामिल हैं:
1.निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पारम्‍परिक रूप से निवास करना।
2.विशिष्‍ट संस्‍कृति जिसमें जनजा‍तिय जीवन के सभी पहलू अर्थात भाषा, रीति रिवाज, परम्‍परा, धर्म और अस्‍था, कला और शिल्‍प आदि शामिल हैं।
3.आदिकालीन विशेषताएं जो व्‍यावसायिक तरीके, अर्थव्‍यवस्‍था आदि को दर्शाता है।
4. शैक्षिक और प्रौद्योगिकीय आर्थिक विकास का अभाव। राज्‍य विशेष/संघ राज्‍य क्षेत्र विशेष संबंधी अनुसूचित जनजाति का विनिर्देशन संबंधित राज्‍य सरकार के साथ किया गया। इन आदेशों को बात में परिवर्तित किया जा सकता है यह‍ संसद के अधिनियम द्वारा किया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्‍छेद 342 के अनुसार संबंधित राज्‍य सरकार के साथ परामर्श करने के पश्‍चात राष्‍ट्रपति में अब तक 9 आदेश लागू किए हैं जिनमें संबंधित राज्‍य और संघ राज्‍य क्षेत्रों के संबंध में अनुसूचित जा‍ति को विनिर्दिष्‍ट किया गया है।
जनजाति प्रमाणपत्र क्‍या है और इसकी आवश्‍यकता क्‍यों होती है?

भारतीय संविधान में उल्लिखित विनिर्देशन के अनुसार जनजाति प्रमाण पत्र किसी के अनुसूचित जनजाति होने का प्रमाण है। सरकार ने अनुभव किया कि बाकी नागरिकों की तरह समान गति से उन्‍नति करने के लिए अनुसूचित जनजातियों को विशेष प्रोत्‍साहन और अवसरों की आवश्‍यकता है। इसके परिणाम स्‍वरूप, रक्षात्‍मक भेदभाव की भारतीय प्रणाली के भाग के रूप में इन श्रेणी के नागरिकों के विशेष लाभ की गारंटी दी गई है, जैसा कि विधायिका में और सरकारी सेवा में सीटों का आरक्षण स्‍कूलों और कॉलेजों में दाखिला के लिए कुछ अंश पूरे शुल्‍क की छूट, शैक्षिक संस्‍थाओं में कोटा, कुछ नौकरियों आदि के लिए आवेदन करने के लिय ऊपरी आयु सीमा में छूट देना। इन लाभों को लेने में समर्थ होने के लिए अनुसूचित जनजाति के नागरिक के पास वैध जनजाति प्रमाणपत्र का होना जरूरी है।
जनजाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कैसे करें

राष्‍ट्रपति के अधिसूचित आदेशों में सूचीबद्ध जनजाति के लोग जनजाति प्रमाणपत्र प्राप्‍त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। कुछ राज्‍यों में जनजातीय विकास विभाग कुछ ऑनलाइन सुविधाएं मुहैया कराते हैं जैसा कि संबंधित आवेदन प्रपत्र को डाउनलोड करना, जनजातीय कल्‍याण योजना का ब्‍यौरा आदि अपने वेबसाइट कराते हैं।
जरूरी कागजात
1. राशन कार्ड की प्रतिलिपि
2. वोटर आई डी0 कार्ड
3. शपथ पत्र
4. 2 फोटोग्राफ
5.आधार कार्ड
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